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भीतर कहीं कुछ है जो...

Author : Dipti Kulshreshtha
Minerva Publication Jodhpur
( customer reviews)
400 400
Category:
Book Type: Hard Copy
Size: 368 Pages
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Language

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यह एक मनोवैज्ञानिक उपन्यास है जिसकी भूमि पर कुछ नए प्रयोग भी किए गए हैं। उपन्यास डॉक्टर तपनकुमार और उनकी गृहस्थी से आरम्भ होता है जिन्हें अपने घर संसार से असीम अनुराग है तथा उनमें अध्यात्म और दर्शन के प्रति गहरी अभिरुचि है। उनकी पुत्री मीनल कैशोर्य और तरुणाई की प्रतीक है जो अंतर्मुखी किशोरी है। मीनल इस उपन्यास की प्रमुख नायिका है। इस उपन्यास में मनुष्य जीवन के विविध प्रसंगों तथा हर आयु के व्यक्तियों के मनोविज्ञान को बड़ी खूबसूरती से उकेरा गया है।

दीप्ति कुलश्रेष्ठ राजस्थान की जानी-मानी उपन्यासकार एवं गद्य लेखिका हैं। उनके एक दर्जन से अधिक ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं। उन्हें उपन्यास 'खिड़की से झांकता है चांद' के लिए राजस्थान साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित रांगेय राघव पुरस्कार से तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद के डॉ. सरला अग्रवाल भारतीय उपन्यास प्रतियोगिता पुरस्कार सहित एक दर्जन से अधिक पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया है। आप शब्द सेतु संस्थानकी संस्थापक एवं त्रैमासिक पत्रिका शब्दसेतु की संस्थापक संपादिका हैं।




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