Books Home / Fiction/ Short Stories/ तीन औरतों की कहानियां

तीन औरतों की कहानियां

Author : Dr. Mohanlal Gupta
Shubhda Prakashan, Jodhpur
( customer reviews)
25 0
Category:
Book Type: EBook
Size: 450 kb
Downloads: 9
Language

Share On Social Media:


To read this book you need to Download the Rajasthan History App on your phone. Available in Android. To purchase this book you have to login first. Please click here for / .

इस संग्रह में तीन औरतों की तीन कहानियां हैं जो अलग-अलग सपने देखती हैं। पहली कहानी घरों में बर्तन मांजकर अपना परिवार चलाने वाली शांतिबाई नामक औरत की है जो सबकी गालियां खाकर भी काम करती है। उसकी आंखों में भी एक सपना है किंतु एक दिन उसे ऐसी गाली सुनने की मिलती है कि वह विद्रोह करने पर उतारू हो जाती है। दूसरी कहानी शारदा नामक ग्रामीण हरिजन महिला की कहानी है जो जीवन भर अपने बच्चों के सिर पर छत होने का सपना देखती है। आखिर एक दिन उसका सपना पूरा होने का दिन निकट आता है। तीसरी कहानी गर्म हवा भंवरी नामक औरत की कहानी है जो पढ़कर लिखकर कलक्टर बनने का सपना देखती है। एक दिन उसका कांस्टेबल पति आरक्षण आंदोलनकारियों द्वारा मार दिया जाता है और इसी के साथ टूट जाते हैं सारे सपने। इस संग्रह में पढ़िये तीनों औरतों के सपनों का अंतिम हाल।

डॉ. मोहनलाल गुप्ता आधुनिक युग के बहुचर्चित एवं प्रशंसित लेखकों में अलग पहचान रखते हैं। उनकी लेखनी से लगभग दस दर्जन पुस्तकें निृःसृत हुई हैं जिनमें से अधिकांश पुस्तकों के कई-कई संस्करण प्रकाशित हुए हैं। डॉ. गुप्ता हिन्दी साहित्य के जाने-माने व्यंग्यकार, कहानीकार, उपन्यासकार एवं नाट्यलेखक हैं। यही कारण है कि उनकी सैंकड़ों रचनाएं मराठी, तेलुगु आदि भाषाओं में अनूदित एवं प्रकाशित हुईं। इतिहास के क्षेत्र में उनका योगदान उन्हें वर्तमान युग के इतिहासकारों में विशिष्ट स्थान देता है। वे पहले ऐसे लेखक हैं जिन्होंने राजस्थान के समस्त जिलों के राजनैतिक इतिहास के साथ-साथ सांस्कृतिक इतिहास को सात खण्डों में लिखा तथा उसे विस्मृत होने से बचाया। इस कार्य को विपुल प्रसिद्धि मिली। इस कारण इन ग्रंथों के अब तक कई संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं तथा लगातार पुनर्मुद्रित हो रहे हैं। डॉ. मोहनलाल गुप्ता ने भारत के विशद् इतिहास का तीन खण्डों में पुनर्लेखन किया तथा वे गहन गंभीर तथ्य जो विभिन्न कारणों से इतिहासकारों द्वारा जानबूझ कर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किए जाते रहे थे, उन्हें पूरी सच्चाई के साथ लेखनीबद्ध किया एवं भारतीय इतिहास को उसके समग्र रूप में प्रस्तुत किया। भारत के विश्वविद्यालयों में डॉ. गुप्ता के इतिहास ग्रंथ विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। इन ग्रंथों का भी पुनमुर्द्रण लगातार जारी है। राष्ट्रीय ऐतिहासिक चरित्रों यथा- अब्दुर्रहीम खानखाना, क्रांतिकारी केसरीसिंह बारहठ, महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल,सवाई जयसिंह,भैंरोंसिंह शेखावत, सरदार पटेल तथा राव जोधा आदि पर डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखी गई पुस्तकों ने भारत की युवा पीढ़ी को प्रेरणादायी इतिहास नायकों को जानने का अवसर दिया। प्रखर राष्ट्रवादी चिंतन, मखमली शब्दावली और चुटीली भाषा, डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा रचित साहित्य एवं इतिहास को गरिमापूर्ण बनाती है। यही कारण है कि उन्हें महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन से लेकर मारवाड़ी साहित्य सम्मेलन मुम्बई, जवाहर कला केन्द्र जयपुर तथा अनेकानेक संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय महत्व के पुरस्कार दिए गए।




SIGN IN
Or sign in with
 
×
Forgot Password
×
SIGN UP
Already a user ?
×