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  • भगतसिंह राजगुरु और सुखदेव को फांसी तथा गांधी इरविन पैक्ट का दुःखद पक्ष :

     21.08.2017
    भगतसिंह राजगुरु और सुखदेव को फांसी तथा गांधी इरविन पैक्ट का दुःखद पक्ष :

    भगतसिंह राजगुरु और सुखदेव को फांसी तथा गांधी इरविन पैक्ट का दुःखद पक्ष जब कभी भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीद दिवस आता है तो मुझे 1931 ईस्वी के गांधी-इरविन पैक्ट का स्मरण अवश्य होता है। मन में एक वेदना होती है जिसका वर्णन करना कठिन है। इस पूरे प्रकरण को संक्षेप में इस प्रकार समझा जा सकता है-

    भारत में चल

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......39

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......39

    काश्मीर की समस्या

    काश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने भारत एवं पाकिस्तान से अलग रहने का निर्णय लिया। जब सितम्बर 1947 में पाकिस्तान ने काश्मीर पर आक्रमण किया तो सरदार पटेल ने तत्काल सेनाएं भेजकर काश्मीर को बचाने की इच्छा व्यक्त की किंतु जवाहरलाल नेहरू और माउण्टबेटन ने पटेल की इस इच्छा का यह कहकर विरोध किया क

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  • जोधपुर जिला इतिहास एवं संस्कृति प्रश्नोत्तरी

     21.08.2017
    जोधपुर जिला इतिहास एवं संस्कृति प्रश्नोत्तरी

    जोधपुर प्रश्नोत्तरी



    1. जोधपुर दुर्ग की स्थापना किस वंश के राजा ने की?

    राठौड़/चौहान/प्रतिहार/सोलंकी

    (उत्तर- राठौड़)



    2. कौनसा राजा अपनी राजधानी मण्डोर से जोधपुर लेकर आया?

    राव रणमल/राव जोधा/सातल देव/राव चूण्डा

    (उत्तर- राव जोधा)



    3. उम्मेद पैलेस किस पत्थर से बना हुआ

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......40

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......40

    भोपाल राज्य की समस्या

    भोपाल रियासत की स्थापना औरंगजेब की सेना के एक अफगान अधिकारी दोस्त मोहम्मद खान ने ई.1723 में की थी। भारत की स्वतंत्रता के समय भोपाल का नवाब हमीदुल्लाह खां था जो कि ई.1926 में भोपाल रियासत का नवाब बना था। वह 1931 तथा 1944 में दो बार नरेन्द्र मण्डल का चांसलर चुना गया था। भारत की आजादी के समय भी व

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......41 (अंतिम किश्त)

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......41  (अंतिम किश्त)

    मर कर भी न मिला चैन

    भारत के टुकड़े हो गये किंतु मर कर भी न मिला चैन वाली उक्ति चरितार्थ हुई। अलग होकर भी कश्मीर का विवाद ऊँट की पूँछ की तरह बीच में अटक गया। उसे लेकर पहले ई.1948 में, फिर ई.1965 में और उसके बाद ई.1993 में पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किये। कश्मीर का बहुत सा हिस्सा आज भी पाकिस्तान

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  • जनसंचार के माध्यम और रंगमंच के बदलते हुए रूप

     11.10.2017
    जनसंचार के माध्यम और रंगमंच के बदलते हुए रूप

    विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च 2017 पर विशेष जनसंचार में वे सब विधाएं, संसाधन, उपकरण और तरीके आ जाते हैं जो निर्जन स्थान में सुईं गिरने की आवाज से लेकर शेर की दहाड़ तक को, देखते ही देखते विशाल जनसमूह तक पहुंचा सकें और जन-समुदाय, यह जानते हुए भी कि जो कुछ भी वह सुन, देख या पढ़ रहा है, वह उससे बहुत दूर कहीं घटित हुआ है किंतु

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  • विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च 2017

     21.08.2017
    विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च 2017

    विश्व रंगमंच दिवस पर टाउनहॉल जोधपुर में सोमवार, 27 मार्च 2017 को राजस्थान कला साहित्य संस्थान जोधपुर एवं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी का दैनिक भास्कर जोधपुर में प्रकाशित समाचार

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  • भारत में यूरोपीय जातियों का आगमन

     21.08.2017
    भारत में यूरोपीय जातियों का आगमन

    आधुनिक भारत का इतिहास - अध्याय: 1



    भारत में यूरोपीय जातियों का आगमन


    सिकंदर के भारत में आने (523 ई.पू.) से भी बहुत पहले, रोम के एक शासक ने कहा था- 'भारतीयों के बागों में मोर, उनके खाने की मेज पर काली मिर्च तथा उनके बदन का रेशम, हमें पागल बना देता है। हम इन चीजों के लिये बर्बाद हुए

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  • राजस्थान की पर्यावरणीय संस्कृति

     06.06.2017
    राजस्थान की पर्यावरणीय संस्कृति

    राजस्थान की पर्यावरणीय संस्कृति पर्यावरणीय संस्कृति से आशय एक ऐसी सरल जीवन शैली से है जो मानव जीवन को सुखद एवं आराम दायक बनाती है तथा पर्यावरण को भी नष्ट नहीं होने देती। राजस्थान में विगत हजारों वर्षों से निवास कर रही मानव जाति द्वारा स्थापित परम्पराएं, सिद्धांत एवं व्यवहार में लाई जाने वाली ऐसी अनगिनत

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  • स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् महाराजा जोधपुर द्वारा वितरित पुरस्कार एवं पदोन्नतियां

     21.08.2017
    स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् महाराजा जोधपुर द्वारा वितरित पुरस्कार एवं पदोन्नतियां

    स्वतंत्रता के तुरंत पश्चात् पुरस्कारों का वितरण-

    24 अक्टूबर 1947 को जोधपुर महाराजा ने अपने निजी स्टाफ के अधिकारियों को पदोन्नतियां, पुरस्कार तथा निःशुल्क भूमि प्रदान कीं।

    पदोन्नति- 1. महाराजा के पसर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी कर्नल राव राजा हनूतसिंह - ऑनरेरी ब्रिगेडियर 2.

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