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  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित है एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी-

     07.06.2017
    अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित है एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी-

    अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं से सुसज्जित एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी में विधि-छात्रों, शोधार्थियों, अध्यापकों एवं विधिवेत्ताओं के लिये बीस हजार से अधिक पुस्तकें, सैंकड़ों लॉ-जर्नल, दर्जनों सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन डाटाबेस तथा विभिन्न इण्टरनेशनल लॉ-फोरम्स से कनैक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। विधि छात्रों में रिसर्

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......10

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......10

    मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व को लेकर था दोनों में मतभेद

    जिन्ना और गांधीजी का मतभेद केवल एक बिंदु पर रहता था। जिन्ना कहता था कि मुस्लिम लीग ही एकमात्र वह संस्था है जो मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कर सकती है जबकि गांधीजी का कहना था कि कांग्रेस हिन्दू और मुसलमान दोनों का प्रतिनिधित्व

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......11

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......11

     लड़ कर लेंगे पाकिस्तान

    अंग्र्रेजों की ओर से भारत को आजादी देने के लिये ई.1942 में क्रिप्स कमीशन और ई.1945 में कैबीनेट कमीशन भारत भेजा गया। ये दोनों मिशन इसलिये असफल हो गये क्योंकि कांग्रेस अखण्ड भारत के रूप में आजादी चाहती थी जबकि मुस्लिम लीग पहले देश का विभाजन चाहती थी और उसके बाद आ

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  • बकरों के सिर काटने पर महाराजा ने ठाकुर का सिर कटवा लिया!

     07.06.2017
    बकरों के सिर काटने पर महाराजा ने ठाकुर का सिर कटवा लिया!

    अठारहवीं शताब्दी में जोधपुर का महाराजा विजयसिंह वैष्णव धर्म के प्रति अनुराग एवं न्यायप्रियता के लिये समूचे उत्तरी भारत में विख्यात हुआ। उसके लिये मआसिरुल उमरा में लिखा है कि मारवाड़ का राजा विजयसिंह रियाया परवरी, अधीन होने वालों की परवरिश और सरकशों की सर-शिकनी में मशहूर है। उसकी पासवान गुलाबराय गोकुलि

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......12

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......12

    लियाकत अली ने भारत सरकार का जीना हराम कर दिया

    मुस्लिम लीग की ओर से मंत्री बना लियाकत अली खां वित्त मंत्रालय मिलने से खुश नहीं था। वह अपने लिये गृह मंत्रालय चाहता था। चौधरी मोहम्मद अली ने, लियाकत अली को समझाया कि यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह ऐसा बजट बनाये कि कांग्रे

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  • बाबर की झूठी शपथ का गवाह है धौलपुर का कमलताल

     06.06.2017
    बाबर की झूठी शपथ का गवाह है धौलपुर का कमलताल

    धौलपुर का कमलताल भारत के इतिहास की बहुत बड़ी करवट का महत्त्वपूर्ण साक्षी है। आज इसके पास पहले जैसा राजसी वैभव नहीं है तथा इसके चारों ओर एक निर्धन बस्ती फैल गई है। कमल की आकृति में बना हुआ बहुत छोटा सा यह ताल, दर्शक को अचम्भे में डाल देता है। कमलताल का शिल्प-वैभव भले ही आज अंतिम सांसें गिन रहा है किंतु इसका ऐत

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  • धौलपुर के राजाओं ने बनवाया था सैंपउ का महादेव मंदिर

     21.08.2017
    धौलपुर के राजाओं ने बनवाया था सैंपउ का महादेव मंदिर

     लोक किंवदंति है कि संवत् 1305 (ई.1248) में वाराणसी की तीर्थ यात्रा पर गये एक भाई एवं उसकी बहिन को स्वप्न में सैंपऊ ग्राम के निकट एक शिवलिंग होने की जानकारी प्राप्त हुई। वे स्वप्न में निर्दिष्ट स्थान पर आये और उन्होंने शिवलिंग को प्राप्त करने के लिये इस स्थान की खुदाई करनी आरम्भ की। कहा जाता है कि दिन में शिवलिं

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  • सबके अपने-अपने कोट -

     21.08.2017
    सबके अपने-अपने कोट -

    भारत की मूल परम्परा बिना सिले हुए कपड़े पहनने की रही है। बिना सिली हुई मर्दानी धोती, औरतों की लांगदार धोती और बिना लांग की साड़ी, बिना सिले हुए उत्तरीय, साफे, लंगोटी और दुपट्टे में ही आम भारतीय का जीवन मजे में कटता था। यह तो नहीं कहा जा सकता कि जब मुसलमान इस देश में आये तोे वे अपने साथ पहली बार सिला हुआ कपड़ा ले

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  • कैसे बना था पाकिस्तान! .......13

     07.06.2017
    कैसे बना था पाकिस्तान! .......13

    दो संविधान सभाओं की मांग

    भावी स्वतंत्र भारत का संविधान बनाने के उद्देश्य से ई.1946 के आरंभ में संविधान सभा का गठन करने के लिये चुनाव करवाये गये। इन चुनावों में मुस्लिम लीग को भारी सफलता मिली जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान की मांग स्वीकार कर लेने के अलावा कांग्रेस के पास कोई उ

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  • राजस्थानी कहावतों में वर्षा एवं अकाल सम्बन्धी भविष्यवाणियाँ

     21.08.2017
    राजस्थानी कहावतों में वर्षा एवं अकाल सम्बन्धी भविष्यवाणियाँ

    प्रकृति में घटने वाली घटनाएं बेतरतीब नहीं होतीं। उनके बीच निश्चित क्रम तथा तारतम्य होता है। यही कारण है कि कुछ निश्चित प्राकृतिक घटनाओं का सावधानी पूर्वक अवलोकन करके हम भविष्य में होने वाली प्राकृतिक घटनाओं का अनुमान लगा सकते हैं। ऋतुओं का आवागमन भी प्राकृतिक घटनाएं हैं जिनके बीच निश्चित क्रम तथा तारत

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