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  • अखिल भारतीय गर्दभ संघ आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता है

     21.08.2017
    अखिल भारतीय गर्दभ संघ आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता है

    रिवर्स पोलराइजेशन का ये कमाल, देख ले सारा हिन्दुस्तान !

    यूपी चुनावों में जो ऐतिहासिक परिणाम आये, निःसंदेह इसका सारा श्रेय अखिल भारतीय गर्दभ संघ को जाता है। यदि हम बीच में न आये होते तो यह निर्वाचन इतना रोचक, इतना पवित्र और इतना ऐतिहासिक नहीं हुआ होता। चुनाव तो केवल पांच राज्यों

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  • एलोपैथी से आलूमेथी तक

     19.07.2017
    एलोपैथी से आलूमेथी तक

    इस देश की बहुत सारी खूबियों में से यदि कोई सबसे बड़ी खूबी है तो यही कि जितनी तरह की बीमारियाँ यहाँ पाई जाती हैं, उससे अधिक पैथियाँ उनके उपचार के लिये उपलब्ध हैं। एलोपैथी से लेकर आलूमेथी तक इतनी सारी पैथियाँ शायद ही किसी दूसरे देश में पायी जाती हों।

    जिसे देखो अपनी अलग पैथी लिये घ

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  • कर लो दुनिया मुट्ठी में

     19.07.2017
    कर लो दुनिया मुट्ठी में

    यह एक नया जुमला था जो मैंने अचानक एक दिन टी.वी. पर सुना। मैं दुविधा में था कि मैंने ठीक से सुना या कुछ गलत सुन लिया! क्या यह बात उसी दुनिया के लिये कही गयी थी जिसके लिये एक कवि ने कुछ बरस पहले कुछ इस तरह के शब्द कहे थे- 'दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है, मिल जाये तो मिट्टी है खो जाये तो

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  • खुला समाज

     20.07.2017
    खुला समाज

    लो भई अब सबके दुख दूर हुए जाते हैं। अमरीका पूरी दुनिया में खुले समाज का निर्माण करने निकल पड़ा है। बहुत रह लिये बंद समाज में। आदमी कोई करमकल्ला है क्या जो बंद समाज में पड़ा सड़ता रहे!

    कैसी दुनिया है यह? चारों ओर से बंद। यहाँ बंद, वहाँ बंद। जहाँ नजर दौड़ाओ वहाँ बंद ही बंद। कहीं जाति के

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  • ब्यूटी पार्लर की बनायी हुई दुनिया

     21.07.2017
    ब्यूटी पार्लर की बनायी हुई दुनिया

    जिस दिन किसी मनचले कवि का ये शेर आप सुनें या पढ़ें, उस दिन आपकी समझ में आयेगा कि तिल का ताड़ किस तरह बनाया जाता है। आगे की बात करने से पहले आप ये शेर आज ही पढ़ लें। शेर कुछ इस तरह से है- 'अब समझा तेरे रुखसार पे तिल का मतलब, दौलते हुस्न पे पहरेदार बिठा रखा है।'

    जब मैंने पहले-पहल इस शेर को पढ़

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  • लिफाफों के फाफे

     22.07.2017
    लिफाफों के फाफे

    लिफाफों और उनके महत्व के बारे में पूरा हिन्दुस्थान जानता है किंतु बहुत से लोग संभवतः न समझें कि फाफे क्या होते हैं! जो लोग राजस्थान और गुजरात से थोड़ा बहुत सम्बंध रखते हैं वे फाफों के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। शेष भारतीयों की सुविधा के लिये मैं बता दूँ कि फाफे दो तरह के होते हैं ए

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  • लिंग विहीन समाज

     23.07.2017
    लिंग विहीन समाज

    लिंग विहीन समाज आधुनिक रसायन प्रयोगशालाओं में जब बालक घुसता है तो उसे पदार्थों और उनके गुणधर्मां से परिचय करवाया जाता है। उसे कुछ पदार्थ ऐसे भी बताये जाते हैं जो रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होते हैं।

    जब पहली-पहली बार मुझे बताया गया कि शुद्ध जल रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन पदार्

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  • सब कुछ बिकता है!

     24.07.2017
    सब कुछ बिकता है!

    कहा यह जा रहा है कि एक बार फिर से दुनिया में मंदी का दौर आने वाला है। मंदी का कारण यह बताया जा रहा है कि दुनिया के बाजारों में सब तरह का सामान ठसा-ठस भरा पड़ा है किंतु लोगों की जेब में उसे खरीदने के लिये पैसा नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक मिथ्या बात है जो

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  • बेहोश हंस !

     25.07.2017
    बेहोश हंस !

    किसी देश का राजा बहुत न्यायशील था। कई गुणों के साथ उसमें यह गुण भी था कि वह अपनी रानी से बहुत प्यार करता था। रानी थी भी बहुत सुंदर। वह भी राजा को बहुत प्यार करती थी इसलिये हमेशा राजा का भला सोचती रहती थी। रानी के कहने पर राजा ने रानी के भाई को राज्य का प्रधानमंत्री बना रखा था। स्वाभाव

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  • जंगल में पॉलिटिक्स - हास्य व्यंग्य

     26.07.2017
    जंगल में पॉलिटिक्स  - हास्य व्यंग्य

    जंगल में पॉलिटिक्स  - हास्य व्यंग्य


    शांति वार्ता का आँखों देखा हाल


    खरगोशलैण्ड वन के सारे खरगोश खुश थे। हों भी क्यों नहीं, उनके

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