Blogs Home / Blogs / राजस्थान ज्ञान कोष प्रश्नोत्तरी लेखक - डॉ. मोहन लाल गुप्ता / राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी : राजस्थान में मिट्टियों से सम्बन्धित समस्याएँ
  • राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी : राजस्थान में मिट्टियों से सम्बन्धित समस्याएँ

     04.12.2021
    राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी : राजस्थान में मिट्टियों से सम्बन्धित समस्याएँ

    राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी - 21

    राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी : राजस्थान में मिट्टियों से सम्बन्धित समस्याएँ

    1.प्रश्नः राजस्थान में मृदा सम्बन्धी समस्याएँ कौनसी हैं?

    उत्तरः राजस्थान में मृदा सम्बन्धी समस्याओं में लवणीय एवं क्षारीय मिट्टी की उपस्थिति, जलमग्नता की समस्या, मृदा अपरदन की समस्या प्रमुख हैं।

    2.प्रश्नः वह कौनसी प्रक्रिया है जिससे पश्चिमी राजस्थान की मृदाएँ अम्लीय तथा क्षारीय हो जाती हैं?

    उत्तरः नीचे से ऊपर की ओर केशिकीय रिसाव के कारण। लवणीय एवं क्षारीय मिट्टियाँ 

    3.प्रश्नः भारत में लवणीय एवं क्षारीय मिट्टियों की समस्या से ग्रस्त भूमि कितनी है?

    उत्तरः भारत में 71 हजार वर्ग किमी. क्षेत्र में लवणीयता की समस्या से ग्रस्त मिट्टियाँ पायी जाती हैं।

    4.प्रश्नः राजस्थान में लवणीय एवं क्षारीय मिट्टियों की समस्या से ग्रस्त भूमि कितनी है?

    उत्तरः राजस्थान में इस समस्या से ग्रस्त मिट्टियों का क्षेत्रफल लगभग 7,280 वर्ग किलोमीटर है।

    5.प्रश्नः राज्य के किन जिलों में क्षारीय एवं लवणीय मिट्टियाँ अधिक हैं?

    उत्तरः राज्य में क्षारीय एवं लवणीय मिट्टियाँ नागौर, जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, पाली, भरतपुर, बूँदी, चित्तौड़गढ़ व कोटा जिलों में अधिक है।

    6.प्रश्नः लवणीय एवं क्षारीय मिट्टियों का प्रबंध कैसे किया जाता है?

    उत्तरः लवणीय एवं क्षारीय मिट्टियों के प्रबंध में मिट्टी सुधार रसायनों का प्रयोग किया जाता है जो विनिमयशील सोडियम को मिट्टी की सतह से हटा देते हैं।

    7.प्रश्नः राज्य के किस भाग की मिट्टियाँ लवणों से अधिक प्रभावित हैं?

    उत्तरः राज्य के पश्चिमी भाग की मिट्टियाँ।

    8.प्रश्नः लवणीय मृदा राज्य के किन क्षेत्रों में पाई जाती है?

    उत्तरः डीडवाना, सांभर, कुचामन, पचपदरा, लूणकरणसर आदि झीलों के निकट।

    9.प्रश्नः रेह या रेतीली मिट्टी किसे कहते हैं?

    उत्तरः वर्षा का जल एक स्थान पर पड़ा रहकर वाष्पीकृत होता रहता है। इससे मृदा में उपस्थित सोडियम, कैल्सियम, मैग्नीशियम एवं पोटेशियम के क्लोराइड, सल्फेट, कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट आदि परत के रूप में जमा हो जाते हैं। स्थानीय भाषा में इसे रेह या रेतीली मिट्टी कहते हैं।

    10.प्रश्नः लवणीय मृदा का पी. एच. कितना होता है?

    उत्तरः पी. एच. 8.5 से कम होता है।

    11.प्रश्नः इन मिट्टियों में कौनसी फसलें उगाना लाभदायक रहता है?

    उत्तरः चुकन्दर, आलू, कपास, जौ, गेहूं जैसी लवण रोधी फसलें।

    12.प्रश्नः लवणीय मिट्टियों में किस उर्वरक का प्रयोग उपयुक्त रहता है?

    उत्तरः अमोनियम सल्फेट।

    13.प्रश्नः मृदा क्षारीय क्यों हो जाती है?

    उत्तरः पश्चिमी राजस्थान के 80 प्रतिशत कुंओं का पानी खारा है। इससे सिंचाई करने से ऊपरी परत में लवणों एवं सोडियम कार्बोनेट की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण मृदा क्षारीय हो जाती है।

    14.प्रश्नः तेलिया पानी किसे कहते हैं?

    उत्तरः जिस पानी में लवणों की मात्रा अधिक होती है उसे बोलचाल की भाषा में तेलिया पानी कहते हैं।

    15.प्रश्नः भूरा ऊसर किसे कहते हैं?

    उत्तरः क्षारीय मिट्टी को भूरा ऊसर कहते हैं।

    16.प्रश्नः क्षारीय (लवणीय)मिट्टी का पी.एच. कितना होता है?

    उत्तरः साढ़े आठ से अधिक।

    17.प्रश्नः क्षारीय मिट्टियों का प्रबंध कैसे किया जाता है?

    उत्तरः क्षारीय मिट्टियों में जिप्सम मिलाया जाता है।

    18.प्रश्नः अम्लीय मिट्टियों का प्रबंध कैसे किया जाता है?

    उत्तरः अम्लीय मिट्टियों में चूना पत्थर, गंधक का अम्ल एवं पाइराइट्स आदि मिलाये जाते हैं।

    19.प्रश्नः लवणीय मिट्टियों का प्रबंध कैसे करते हैं?

    उत्तरः जिप्सम मिलाकर।

    इस विषय पर विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न

    1 आर.ए.एस. प्रारंभिक परीक्षा 2007,वह कौनसी प्रक्रिया है जिससे पश्चिमी राजस्थान की मिट्टियाँ अम्लीय तथा क्षारीय बन जाती है- (1.) ऊपरी सतह से नीचे की ओर रिसाव, (2.) नीचे से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा रिसाव, (3.) जल प्रवाह (4.) अपलक्षण अर्थात् घुलकर बहना? उत्तर- नीचे से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा रिसाव। जलमग्नता (वाटर लॉगिंग) अथवा सेम की समस्या


    20.प्रश्नः राजस्थान में जलमग्नता अथवा सेम की समस्या क्यों उत्पन्न हो गई है?

    उत्तरः राज्य के नहरी क्षेत्रों में जल के रिसाव, जल का आवश्यकता से अधिक उपयोग, जल निकास के अपर्याप्त प्रबंध के कारण जलमग्नता की समस्या उत्पन्न हो गयी है।

    21.प्रश्नः राज्य में नहरों के किनारे दलदली क्षेत्र क्यों उत्पन्न हो गया है?

    उत्तरः इंदिरागांधी नहर, गंगनहर, चंबल नहर तथा अन्य नहरों से हुए जल रिसाव ने हजारों हैक्टेयर भूमि को दलदल बनाया है। 22.प्रश्नः सेम ने इंदिरागांधी नहर के प्रथम चरण की कितनी उपजाऊ जमीन बेकार कर दी है?

    उत्तरः एक तिहाई से अधिक।

    23.प्रश्नः नहरी क्षेत्रों में वाटरलोगिंग(जलमग्नता)की समस्या से निबटने के क्या उपाय किये जा रहे हैं?

    उत्तरः वाटरलोगिंग से ग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को कम पानी में पकने वाली फसलें उगाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा नहर में कम पानी छोड़ा जा रहा है। जलमग्न क्षेत्र में वन तथा चारागाह उगाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

    24.प्रश्नः जल रिसाव से प्रभावित भूमि में घुलनशील लवणों पर क्या प्रभाव पड़ा है?

    उत्तरः जल रिसाव के कारण मृदा की नीचे की परतों के लवण एवं खनिज घुलकर मृदा की ऊपरी सतह पर आ गये हैं।

    25.प्रश्नः सूरतगढ़ क्षेत्र में हजारों हैक्टेयर उपजाऊ जमीन बंजर क्यों हो गई है?

    उत्तरः घग्घर नदी के बाढ़ के जल को रोकने के लिये स्थान-स्थान पर तालाब बनाये गये थे किंतु इन क्षेत्रों में लवणता की समस्या उभर आयी है जिससे सूरतगढ़ क्षेत्र में हजारों हैक्टेयर उपजाऊ जमीन बंजर हो रही है।

    26.प्रश्नः चंबल सिंचित विकास क्षेत्र में जलमग्नता एवं लवणता की समस्या से निबटने के लिये क्या उपाय किये गये हैं?

    उत्तरः चंबल सिंचित विकास क्षेत्र में 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सतह से 1 से 1.5 मीटर की गहराई तक पी.वी.सी. पाइप लाइन डालकर अतिरिक्त जल की निकासी की जा रही है।

    इस विषय पर विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न 1 आर.ए.एस. प्रारंभिक परीक्षा 2007, सेम किस स्थिति से सम्बन्धित है- (1.) रेत बालू के टीलों का निर्माण, (2.) पारिस्थितिकी में परिवर्तन, (3.) मिट्टी या मृदा का अपरदन या कटाव, (4.) वनीय कटाव ? 2 उत्तर- मिट्टी या मृदा का अपरदन या कटाव। मृदा अपरदन की समस्या

    27.प्रश्नः मृदा अपरदन किसे कहते हैं?

    उत्तरः जल, वायु अथवा अन्य किसी भौतिक शक्ति के कारण मृदा कणों के अपने स्थान से हटने को मृदा अपरदन कहते हैं।

    28.प्रश्नः मृदा अपरदन की प्रक्रिया कितने चरणों में होती है?

    उत्तरः मृदा अपरदन की प्रक्रिया के दो चरण होते हैं- (1.) मृदा का पृथक्कीकरण एवं (2) मृदा का परिवहन।

    29.प्रश्नः मृदा अपरदन का मृदा की मात्रा पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    उत्तरः वैज्ञानिकों का मानना है कि मृदा, अपरदन से ही बनती है और अपरदन से ही नष्ट होती है।

    30.प्रश्नः मृदा अपरदन का राजस्थान के मरुस्थल पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    उत्तरः मृदा अपरदन के कारण राजस्थान में मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है।

    31.प्रश्नः मृदा अपरदन की क्रिया तेजी से कहाँ होती है?

    उत्तरः जहाँ वनस्पति की कमी होती है, वहाँ मृदा अपरदन की क्रिया तेजी से होती है।

    32.प्रश्न - मृदा अपरदन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने वाले कारक कौनसे हैं?

    उत्तर - एक ही स्थान पर पशुओं की लगातार चराई, पेड़ों की कटाई, जंगलों में लगने वाली आग, पहाड़ों का खनन तथा अन्य ऐसी ही गतिविधियों से मृदा अपरदन को बढ़ावा मिलता है। पहाड़ी ढालों पर मृदा अपरदन तेजी से होता है। भेड़-बकरियाँ अधिकतर घासों को जड़ों सहित खा जाती हैं जिससे जमीन पूरी तरह अनावृत्त हो जाती है जिसका परिणाम मृदा अपरदन होता है। लगातार खेती करने एवं उसमें जीवांश की मात्रा के कम हो जाने से भी मृदा अपरदन बढ़ता है।

    33.प्रश्न - पेड़-पौधों का मृदा अपरदन की क्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    उत्तर - पेड़-पौधे, वायु एवं जल के साथ बहकर जाने वाली मृदा के मार्ग में रुकावट पैदा करके मृदा अपरदन की गति को धीमी कर देते हैं।

    34.प्रश्न - मृदा अपरदन से मृदा की उर्वरता पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    उत्तर - मृदा अपरदन से मृदा का ऊपरी उपजाऊ स्तर नष्ट हो जाता है तथा अनुपजाऊ परत ऊपर आ जाती है।

    35.प्रश्न - मृदा अपरदन को कैसे रोका जा सकता है?

    उत्तर - 1. खेतों की मेड़बंदी 2. वृक्षों की कटाई पर रोक 3. खेतों की मेडों, पहाड़ी ढालों, रेतीले टीलों तथा वर्षा-जल के बहाव मार्ग में वृक्षारोपण 4. वैज्ञानिक रूप से फसल चक्र को अपनाने से कृषि भूमि के अपरदन पर रोक लगती है। 5. खेत में गोबर, मींगनी, कम्पोस्ट आदि जीवांश पदार्थ का अधिक प्रयोग करने से मृदा का स्थिरीकरण होता है। 6. रेगिस्तानी क्षेत्र में चारागाहों का विकास भी मृदा अपरदन को रोकता है।

    36.प्रश्न - मरुस्थलीकरण को बढ़ावा क्यों मिलता है?

    उत्तर - आंधी, बाढ़, वर्षा आदि विभिन्न कारणों से होने वाले मृदा अपरदन, मृदा एवं जल के अनुचित प्रबंधन, वनों के उन्मूलन, पशुओं द्वारा एक ही स्थल पर लगातार होने वाले अतिचारण आदि कारणों से मरुस्थलीकरण को बढ़ावा मिलता है।

    इस विषय पर विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न 1 आर.ए.एस. प्रारम्भिक परीक्षा 2012, निम्नलिखित में से कौनसा एक कारण राजस्थान में मरुस्थलीकरण का नहीं है- 1. अतिचारण, 2. वनोन्मूलन, 3. शहरीकरण, 4. अनुचित मृदा एवं जल प्रबन्धन ? 2 आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा वर्ष 1994 एवं 1996, 15 शब्दों में लिखिये - मरुस्थलीकरण?


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