Blogs Home / Blogs / राजस्थान ज्ञान कोष प्रश्नोत्तरी लेखक - डॉ. मोहन लाल गुप्ता / राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी राजस्थान का नामकरण
  • राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी राजस्थान का नामकरण

     27.10.2021
    राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी राजस्थान का नामकरण

    राजस्थान ज्ञानकोश प्रश्नोत्तरी : राजस्थान का नामकरण


    Quiz on Name of Rajasthan

    राजस्थान का नामकरण
    ई.1949 से पूर्व राजस्थान को कभी भी इस नाम से नहीं जाना गया। महाभारत काल से इस क्षेत्र के लिखित उल्लेख मिलने लगते हैं जिनके अनुसार इसके विभिन्न क्षेत्रों को अलग-अलग काल में अलग-अलग नामों से सम्बोधित किया जाता रहा है। मुगलों एवं अंग्रेजों के शासनकाल में वह पूरा क्षेत्र जो राजपूत राजाओं द्वारा शासित था उसे राजपूताना कहा जाता था। सर्वप्रथम उन्नीसवीं शताब्दी में कर्नल टॉड ने इसे राजस्थान कहा।

    प्रश्न : उत्तर

    प्रश्न : 1. महाभारत काल से पहले, राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों को क्या कहा जाता था?

    उत्तर: मरु तथा धन्व।

    प्रश्न : 2. किस क्षेत्र विशेष के लिये मरु तथा धन्व शब्द प्रयुक्त होते थे?

    उत्तर : जोधपुर एवं उसका निकटवर्ती मरु प्रदेश।

    प्रश्न : 3. सारस्वत क्षेत्र कौन सा था?

    उत्तर : सरस्वती नदी के बहाव क्षेत्र की बस्तियाँ सारस्वत क्षेत्र में थीं।

    प्रश्न : 4. महाभारत काल में राजस्थान के मरु क्षेत्रों को किन नामों से सम्बोधित किया जाता था?

    कुरू जांगलाः तथा माद्रेय जांगलाः।

    प्रश्न : 5. कुरू जांगलाः कौन सा क्षेत्र था?

    उत्तर: बीकानेर।

    प्रश्न : 6. माद्रेय जांगलाः कौन सा क्षेत्र था?

    उत्तर : जोधपुर।

    प्रश्न : 7. महाभारत काल में प्राचीन अलवर राज्य के लिये क्या नाम प्रयुक्त होता था?

    उत्तर: त्रिगर्त।

    8. महाभारत काल में अलवर राज्य के विभिन्न भाग क्या कहलाते थे?

    उत्तर : प्राचीन अलवर राज्य का उत्तरी भाग कुरू देश में, दक्षिणी और पश्चिमी भाग मत्स्य देश में तथा पूर्वी भाग शूरसेन देश में था।

    9. महाभारत काल में भरतपुर, धौलपुर तथा करौली क्षेत्र किस राज्य के अंतर्गत थे?

    उत्तर : शूरसेन।

    10. शूरसेन राज्य की राजधानी कौनसी थी?

    उत्तर : मथुरा।

    11. मत्स्य की राजधानी कौनसी थी?

    उत्तर : विराट।

    12. कुरू की राजधानी कौनसी थी?

    उत्तर : इन्द्रप्रस्थ।

    13. बुद्ध के समय भारत के 16 जनपदों में से कौनसे जनपद राजस्थान में स्थित थे?


    उत्तर : मत्स्य तथा अवंति।

    14. मत्स्य महाजनपद में राजस्थान के कौनसे क्षेत्र आते थे?


    उत्तर :  जयपुर एवं उसके आसपास का क्षेत्र।

    15. मत्स्य महाजनपद की राजधानी कहाँ थी?


    उत्तर : विराटनगर

    16. अवंति महाजनपद में राजस्थान के कौनसे क्षेत्र स्थित थे?


    उत्तर : दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान।

    17. अवंति महाजनपद की राजधानी कहाँ थी?


    उत्तर : अवंति अर्थात् उज्जैन।

    18. राजस्थान का अब तक ज्ञात प्राचीनतम मंदिर कौनसा है?


    उत्तर : बैराठ के पास बीजक की पहाड़ी पर गोलाकार बौद्ध मंदिर।

    19. प्राचीन क्षत्रियों के शासनकाल में रेगिस्तानी प्रदेशों के लिये क्या नाम प्रयुक्त होता था?


    उत्तर : मरुधन्व, मरुधर, मरुवार तथा मारवाड़।

    20. प्राचीन क्षत्रियों के शासनकाल में डीडवाना से जालोर तक का क्षेत्र क्या कहलाता था?


    उत्तर : गुर्जरात्रा।

    21. भीनमाल और उसका निकटवर्ती क्षेत्र क्या कहलाता था?

    उत्तर : श्रीमाल।

    22. किस क्षेत्र की गणना अर्बुद देश में होती थी?

    उत्तर : सिरोही।

    23. प्राचीन क्षत्रियों के शासनकाल में सपादलक्ष नाम से कौनसा क्षेत्र जाना जाता था?

    उत्तर : सांभर तथा अजमेर के क्षेत्र को सपादलक्ष कहते थे। इस क्षेत्र को शाकंभरी भी कहा जाता था।

    24. प्राचीन क्षत्रियों के शासन काल में किस प्रदेश को शिवि कहते थे?

    उत्तर : उदयपुर राज्य के क्षेत्र को।

    25. प्राचीन क्षत्रियों के काल में नागौर का क्षेत्र क्या कहलाता था?

    उत्तर : नागौर क्षेत्र को ईसा की पांचवी शताब्दी के आसपास अहिच्छत्रपुर कहते थे।

    26. नागौर के क्षेत्र को श्वाळक क्यों कहा जाता था?

    उत्तर : चौहानों द्वारा शासित क्षेत्र में सवालाख इकाई भूमि थी। इस कारण उनके द्वारा शासित क्षेत्र सपादलक्ष कहलाता था। सपादलक्ष ही अपभ्रंश होकर श्वाळक हो गया। नागौर भी इसी श्वाळक क्षेत्र में था।

    27. शिवि राज्य को बाद में क्या कहा गया?

    उत्तर :  मेदपाट तथा प्रग्वाट।

    28. मेवाड़ राज्य का नामकरण कैसे हुआ?

    उत्तर : यहाँ के शासक निरंतर म्लेच्छों से संघर्ष करते रहे अतः इसे मेदपाट अर्थात् म्लेच्छों को मारने वाला कहा जाने लगा। मेदपाट बिगड़कर मेवाड़ हो गया।

    29. मेवाड़ राज्य में कौनसे हिस्से सम्मिलित थे?

    उत्तर :  मेवाड़ राज्य, राजस्थान के दक्षिण-मध्य में स्थित था। वर्तमान चित्तौड़ जिला, भीलवाड़ा जिला, उदयपुर जिला तथा राजसमंद जिला मेवाड़ के मुख्य अंग थे। झालावाड़ जिले की पिड़ावा तहसील, मध्यप्रदेश के नीमच तथा मंदसौर जिले भी मेवाड़ राज्य के अंतर्गत थे। कुछ हिस्से गुजरात में चले गए हैं।

    30. व्याघ्रवाट किस क्षेत्र का प्राचीन नाम है?

    उत्तर : डूँगरपुर तथा बाँसवाड़ा।

    31. वागड़ शब्द किस प्रदेश के लिये प्रयुक्त हुआ?

    उत्तर : व्याघ्रवाट ही बाद में वागड़ कहलाने लगा।

    32. भोमट नाम से कौन सा क्षेत्र जाना जाता था?

    उत्तर : डूँगरपुर, पूर्वी सिरोही तथा उदयपुर जिलों का अगम्य पर्वतीय क्षेत्र भौमट कहलाता था।

    33. ऊपरमाल का क्षेत्र कौन सा है?

    उत्तर : मेवाड़ राज्य के भैंसरोडगढ़ से लेकर बिजोलोलिया तक का क्षेत्र ऊपरमाल कहलाता था।

    34. भोराट का पठार किसे कहते हैं?

    उत्तर : गोगुंदा, धरियावद, इसवाल, राजसमंद एवं कुंभलगढ़ का क्षेत्र।

    35. कांठल शब्द किस क्षेत्र के लिये प्रयुक्त होता था?

    उत्तर : प्रतापगढ़ जिले में माही नदी के आसपास के भूभाग को कांठल कहा जाता था। क्योंकि वह माही नदी के कांठे में स्थित था।

    36. मालव प्रदेश के अंतर्गत राजस्थान के कौनसे क्षेत्र थे?

    उत्तर : झालावाड़, टोंक के छबड़ा, पिरावा तथा सिरोंज के हिस्से मालव प्रदेश के अंतर्गत थे।

    37. मध्यकाल में मेवात किस क्षेत्र के लिये प्रयुक्त हुआ?

    उत्तर : अलवर के आसपास का क्षेत्र मेव जाति के नाम पर मेवात कहलाने लगा।

    38. मध्यकाल में किस क्षेत्र को माड़ कहते थे?

    उत्तर : जैसलमेर राज्य का पुराना नाम माड़ था।

    39. मध्यकाल में वल्ल तथा दुंगल किस क्षेत्र को कहते थे?

    उत्तर : जैसलमेर के आसपास का क्षेत्र वल्ल तथा दुंगल कहलाता था।

    40. मध्यकाल में नवकोटि मारवाड़ किस क्षेत्र को कहते थे?

    उत्तर : आबू पर्वत से लेकर जालोर, बाड़मेर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर आदि तक का क्षेत्र परमारों के काल में नवकोटि कहलाया। बाद में इस क्षेत्र में से जो हिस्सा राठौड़ों के अधीन रहा उसे नवकोटि मारवाड़ कहने लगे।

    41. मध्यकाल में गोड़वाड़ में कौनसा क्षेत्र आता था?

    उत्तर : लूनी बेसिन के अंतर्गत जालोर, पाली तथा बाड़मेर के कुछ भाग गोड़वाड़ कहलाते थे।

    42. मध्यकाल में कौनसा क्षेत्र मालानी के नाम से जाना जाता था?

    उत्तर : बाड़मेर जिले का वह क्षेत्र जो राठौड़ मल्लीनाथ एवं उसके वंशजों द्वारा शासित था, मालानी कहलाता था।

    43. मध्यकाल में कौनसा भू-भाग छप्पन कहलाता था?

    उत्तर : प्रतापगढ़ तथा बाँसवाड़ा के बीच का भाग।

    44. मध्यकाल में कोटा तथा बूँदी क्षेत्रों के लिये क्या नाम प्रयुक्त होता था?

    उत्तर : हारावती जो बाद में बिगड़कर हाड़ौती हो गया।

    45. मध्यकाल में इस क्षेत्र को हाड़ौती क्यों कहा गया?

    उत्तर : कोटा और बूँदी जिले के क्षेत्र पहले सपादलक्ष के अंतर्गत थे। बाद में चौहानों की हाड़ा शाखा द्वारा शासित होने के कारण यह भूभाग हाड़ौती कहलाने लगा।

    46. मध्यकाल में हनुमानगढ़ क्षेत्र को भटनेर क्यों कहा जाता था?

    उत्तर : भट्टि जाति द्वारा शासित होने के कारण इस क्षेत्र को भटनेर कहा जाता था। भट्टि, बाद में भाटी कहलाने लगे।

    47. मध्यकाल में थली अथवा उत्तरी मरुभूमि कौनसा क्षेत्र था?

    उत्तर : दक्षिणी गंगानगर, दक्षिण पूर्वी हनुमानगढ़, बीकानेर एवं चूरू के मरुस्थलीय भाग थली या उत्तरी मरुभूमि कहलाते थे।

    48. मध्यकाल में किस क्षेत्र को ढूंढाड़ कहते थे?

    उत्तर : जयपुर एवं उसका निकटवर्ती ढूह युक्त भूमि का क्षेत्र

    49. मध्यकाल में किस क्षेत्र को शेखावाटी कहते थे?

    उत्तर : राव शेखा के वंशजों द्वारा शासित सीकर, झुंझुनूं, खेतड़ी और चूरू आदि क्षेत्र शेखवाटी कहलाता था।

    50. मध्यकाल में पंचपाना किसे कहते थे?

    उत्तर : राव शेखा के वंशजों की पाँच शाखाओं द्वारा शासित होने के कारण शेखावाटी का क्षेत्र पंचपाना कहलाता था।

    51. मुगल काल में मेरवाड़ा कहाँ स्थित था?

    उत्तर : मारवाड़, मेवाड़ तथा अजमेर की सीमाओं के बीच मेर के पहाड़ी क्षेत्र में मेर जाति रहती थी जिसके नाम पर यह क्षेत्र मेरवाड़ा कहलाया। ब्यावर मेरवाड़ा की सीमा पर बसा हुआ है।

    52. बाँसवाड़ा एवं डूँगरपुर के मध्य के भू-भाग को क्या कहा जाता है?

    उत्तर : कांठल।

    53. मध्यकाल में राजस्थान प्रदेश के लिये भारतीय लेखकों द्वारा प्रयुक्त प्राचीन नाम क्या थे?

    उत्तर : रायथान, राजथान, रजवाड़ा।

    54. राजस्थान को राजपूताना नाम किसने दिया?

    उत्तर : अंग्रेजों ने (उन्नीसवीं सदी)

    55. किस अंग्रेज अधिकारी ने इसे सर्वप्रथम राजपूताना कहा?

    उत्तर : जॉर्ज थॉमस (1800 ई.)

    56. राजपूताना शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

    उत्तर : मुगल इतिहासकार राजपूत शब्द को बहुवचन में ‘राजपूतां’ लिखते थे। इसीलिये गोडवाना, तिलंगाना आदि की तरह अंग्रेजों ने राजपूत राजाओं के अधीन होने से इस प्रदेश का नाम राजपूताना रखा।

    57. राज्य को राजस्थान नाम किस अंग्रेज अधिकारी ने दिया?

    उत्तर : कर्नल जेम्स टॉड, (उन्नीसवीं सदी)।

    58. टॉड की किस पुस्तक में इस प्रदेश के लिये सर्वप्रथम राजस्थान लिखा गया?

    उत्तर : एनल्स एण्ड एण्टिक्विटीज ऑफ राजस्थान (1829 ई.)।

    59. राजस्थान नाम कब स्वीकार किया गया?

    उत्तर : 30 मार्च 1949

    इस विषय पर विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न


    1. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा-2010, छप्पन बेसिन जिस जिले में है, वह है- (अ.) अलवर, (ब.) बांसवाड़ा, (स.) पाली, (द.) टोंक?

    2. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा वर्ष 1999, निम्न के बारे में आप क्या जानते हैं- छप्पन का मैदान?

    3. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा वर्ष 1997, निम्न के बारे में आप क्या जानते हैं- मेवाड़।

    4. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा-1996, उत्तर 15 शब्दों में, निम्न के बारे में आप क्या जानते हैं- हाड़ौती।

    5. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा वर्ष 1996, निम्न के बारे में आप क्या जानते हैं-भटनेर।

    6. आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा-1989, अधिकतम 15 शब्दों में टिप्पणी कीजिये - बागड़ क्षेत्र।

    7. पुलिस सबइंस्पेक्टर परीक्षा वर्ष 2007, अंग्रेजों के समय राजस्थान को किस नाम से जाना जाता था- मेवाड़/मारवाड़/आमेर/राजपूताना?

    8. पुलिस सबइंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2007, राजस्थान दिवस मनाया जाता है- 30 मार्च को/26 जनवरी को/30 अक्टूबर को/14 नवम्बर को?

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