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  • अध्याय - 56 करणी संग्रहालय बीकानेर

     19.05.2020
    अध्याय - 56 करणी संग्रहालय बीकानेर

    अध्याय - 56

    करणी संग्रहालय बीकानेर

    करणी संग्रहालय बीकानेर के ऐतिहासिक जूनागढ़ किले के गंगानिवास महल में स्थित है। बीकानेर के शासकों के जीवनवृत्त से जुड़ी घटनाओं, राठौड़ राजवंश के राज्यचिह्न तथा प्राचीन अó-शस्त्रों के संग्रह की दृष्टि से करणी म्यूजियम का महत्वपूर्ण स्थान है। इस संग्रहालय में महाराजा गंगासिंह (ई.1887-1943) द्वारा देश-विदेश से लाई गई अनुपम वस्तुओं का संग्रह है। संग्रहालय में कन्नौज नरेश जयचंद द्वारा ई.1212 में बनवाए गए चंदन की लकड़ी का एक सिंहासन प्रदर्शित किया गया है। इस सिंहासन को राव बीका ई.1489 में जोधपुर से बीकानेर लाया था। चंदन के इस ऐतिहासिक सिंहासन के साथ ही राव बीका तथा उसके बाद के बीकानेर नरेशों के लिए दरबार में लगाई जाने वाली चांदनी भी प्रदर्शित की गई है। इस चांदनी में बीकानेर के राज्य चिन्ह के साथ ही राव बीका एवं उसके बाद के 22 महाराजाओं के शासन को सोने एवं चांदी के बारीक कसीदे से दर्शाया गया है।

    संग्रहालय में राव बीका द्वारा बीकानेर की स्थापना के समय लायी गई छोटी-छोटी वस्तुएं भी प्रदर्शित हैं। करणी म्यूजियम में संगृहीत अस्त्र-शस्त्रों में विभिन्न प्रकार की तलवारें, छुरियां, बिछुआ, गुर्ज, गेड़िया, तबल, फरसी, ढाल, जिरह बख्तर आदि उल्लेखनीय हैं। महाराजा अनूपसिंह (ई.1669-98) एवं गंगासिंह (ई.1887-1943) की विभिन्न प्रकार की लेखयुक्त बंदूकें, महाराजा अनूपसिंह द्वारा युद्ध के समय पहना जाने वाला कवच, जिरहबख्तर, टोप, युद्ध में काम आने वाली ढालें, कटारें, हिरणसिंघा अंकुश, बुम्दा एवं कुल्हाड़िया भी संग्रहालय में प्रदर्शित किए गए हैं।

    युद्ध के समय बजाए जाने वाले ढोल एवं नगाड़े भी रखे हुए हैं। महाराजा गंगासिंह के समय बीकानेर के सैनिकों द्वारा प्रथम एवं द्वितीय विश्वयुद्धों में प्रयुक्त बंदूकों एवं मशीनगनों को भी संजोकर रखा गया है।

    म्यूजियम का एक कक्ष महाराजा सार्दुलसिंह स्मृति कक्ष के रूप में रखा गया है जिसमें चित्रों के माध्यम से सार्दुलसिंह के जीवन की झांकियां दर्शाई गई हैं। इस कक्ष में युद्ध के समय के विभिन्न चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। महाराजा गंगासिंह एवं सार्दुलसिंह (ई.1943-49) द्वारा शिकार में मारे गए कुछ जानवरों को भी मसाला भर कर रखा गया है। शिकार के समय के उनके चित्र भी संग्रहालय की अमूल्य निधि हैं।

    संग्रहालय में प्रथम विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश सरकार द्वारा बीकानेर महाराजा को प्रदत्त हवाई जहाज, दर्शकों को अचंभित करता है। विश्व में इस तरह के बहुत कम हवाई जहाज बचे हैं। ये सभी हवाई जहाज अब संसार में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनीय वस्तु के रूप में प्रयुक्त होते हें। करणी म्यूजियम की बहुमूल्य वस्तुओं में महाराजा गंगासिंह द्वारा ई.1914 में बेल्जियम से लाया गया दर्पण उल्लेखनीय है। इंग्लैण्ड से लाई गई विभिन्न वस्तुएं भी रखी हुई हैं। महाराजा गंगासिंह के जीवन सम्बन्धी विभिन्न वस्तुओं का संग्रह भी करणी म्यूजियम में अलग से किया हुआ है। इन वस्तुओं में जोधपुर के नरसिंह लाल द्वारा महाराजा गंगासिंह के जन्मदिन पर भेजा गया शुभकामना संदेश उल्लेखनीय है।

    इस कक्ष में गंगासिंह द्वारा बनवाए गए लालगढ़ पैलेस का लकड़ी का मॉडल, पिस्तौल एवं अन्य छोटे हथियारों के लिए बनवाए गए विभिन्न प्रकार के आकर्षक एवं कलात्मक बक्से, डायनिंग टेबल, हाथघड़ी, पढने का लैम्प, सिगरेट केस विभिन्न प्रकार के मेडल्स, मेज, कुर्सी, चश्मा, गिलास, कप-प्लेट, कैमरा, सेना की वर्दी, भारतीय एवं पाश्चात्य कलाकारों द्वारा वाटर कलर से बनाए गए बीकानेर के पर्यटन स्थलों तथा प्राकृतिक दृश्यों के चित्र और बीकानेर लघु चित्रशैली के आकर्षक चित्र भी प्रदर्शित हैं।

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