Blogs Home / Blogs / लाल किले की दर्द भरी दास्तान!
  • परिवार का कोई सदस्य प्रेम नहीं करता था लाल किले के निर्माता से

     16.10.2018
    परिवार का कोई सदस्य प्रेम नहीं करता था लाल किले के निर्माता से

    दिल्ली के लाल किले की दर्दभरी दास्तान-1

    ई.1526 में बाबर ने अपने पूर्ववर्ती अफगानों को हराकर उनसे उत्तरी भारत के हरे-भरे मैदान छीने थे। गंगा-यमुना के किनारों पर स्थित इन मैदानों के खेत, धान के कटोरे कहलाते थे तथा इन मैदानों में हरी घास चरने वा

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  • मुगल शहजादियां लाल किले की दीवारों से बाहर अफवाहें फैलाने लगीं

     16.10.2018
    मुगल शहजादियां लाल किले की दीवारों से बाहर अफवाहें फैलाने लगीं

    लाल किले की दर्दभरी दास्तान-2

    अकबर के समय से ही मुगल दरबार एवं हरम की गुटबंदी मुगल सल्तनत की राजनीति में दखल करती आई थी। जहाँगीर के समय में यह गुटबंदी और बढ़ गई थी। जब अय्याश शाहजहां अपने हरम को लाल किले में ले आया तो लाल किले की रंगीनियों ने

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  • भाइयों को मारकर तख्त लेते थे मुगल शहजादे

     16.10.2018
    भाइयों को मारकर तख्त लेते थे मुगल शहजादे

     लाल किले की दर्द भरी दास्तां-3

    शाहजहां को तीन दिन से पेशाब नहीं आ रहा था। उसे कोई यौन सम्बन्धी रोग हो गया था जिसके उपचार के लिए हकीमों ने गरम तासीर वाली दवाइयां खिलाई थीं जिससे पेशाब की नली में सूजन आ गई थी और पेशाब नहीं उतर रहा था। इस कार

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  • रामनामी ओढ़कर लाल किले में घूमा करता था दारा शिकोह

     16.10.2018
    रामनामी ओढ़कर लाल किले में घूमा करता था दारा शिकोह

    लाल किले की दर्द भरी दास्तां-4

    पिछली तीन कड़ियों में आप पढ़ चुके हैं कि फरगना और समरकंद के शासक बाबर ने अपने राज्य से हाथ धोने के बाद भारत पर आक्रमण करके आगरा को अपनी राजधानी बनाया। उसके चौथे वंशज शाहजहां ने अ

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  • Princes and Princesses of Mumtaj Mahal were ready to murder each other

     16.10.2018
    Princes and Princesses of Mumtaj Mahal were ready to murder each other

    लाल किले की दर्दभरी दास्तां-5

    हमारी पिछले आलेख में आप पढ़ चुके हैं कि किस प्रकार मुगल शहजादों ने अपने बड़े भाई दारा शिकोह को काफिर तथा इस्लाम का अपराधी घोषित किया तथा सल्तनत के मुल्ला-मौलवियों ने भी कट्टर और संकीर्ण सोच वाले शहजादों का साथ देना स्वीकार किया।

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