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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-1

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-1

    प्रस्तावना


    अकबर के राज्यारोहण के समय राजस्थान में ग्यारह रियासतें थीं जिनमें से मेवाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर तथा प्रतापगढ़ पर गुहिल, जोधपुर एवं बीकानेर पर राठौड़, जैसलमेर एवं करौली पर यादव, आम्बेर पर कच्छवा

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-2

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-2

    खून और वफादारी का घालमेल


    हुमायूँ का अर्थ तो सौभाग्यशाली होता है किंतु वह भी अपने पिता बाबर की तरह परम दुर्भाग्यशाली था। जिस समय हुमायूँ दिल्ली में अपने पुस्तकालय की सीढ़ियों से फिसल कर मरा, उसका बड़ा बेटा

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-3

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-3

    दोस्ती


    जोधाबाई मारवाड़ नरेश मोटाराजा उदयसिंह की पुत्री थी। उसके गर्भ से शहजादे खुर्रम का जन्म हुआ। महाराजा उदयसिंह की मृत्यु के बाद जोधाबाई के सोलह भाइयों में सबसे बड़ा सूरसिंह, जोधपुर का राजा हुआ तथा जो

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-4

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-4

    अठारह मुगलों का कत्ल


    'शहजादे! हमारे विश्वसनीय गुप्तचर काश्मीर से समाचार लाये हैं कि जहांपनाह नूरूद्दीन मुहम्मद जहाँगीर सख्त बीमार हैं और उनकी हालत काफी नाजुक है। किसी भी समय कुछ भी हो सकता है फिर भी वे ऐ

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-5

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-5

    शरणागत वत्सल


    अभी शाहजहाँ को आगरा के तख्त पर बैठे हुए कुछ ही दिन हुए होंगे कि दक्कन में जाफराबाद के मोर्चे पर डटे हुए महाराजा सहसमल को विषम ज्वर ने घेर लिया। लाख उपचार के उपरांत भी महाराजा सहसमल ठीक नहीं हो

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-6

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-6

    भाग्य की विडम्बना


    किशनगढ़ रियासत के संस्थापक महाराजा किशनसिंह की हत्या हुए अभी कुल तेरह साल ही हुए थे। इस संक्षिप्त अवधि में उसके तीन पुत्र- सहसमल, जगमालसिंह और भारमल मृत्यु के मुख में समा चुके थे। इन तीन

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-7

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-7

    श्याम सुंदर लाल


    महाराजा हरीसिंह के निधन के समय राजकुमार रूपसिंह की आयु सोलह साल थी। अभी उसे किशोरावस्था से निकलकर यौवन की चौखट पर पैर धरना शेष था। वह महाराजा किशनसिंह के तृतीय पुत्र भारमल का एक मात्र पुत

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-8

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-8

    दुर्लभ चित्र


    लाल किले के मध्यम में स्थित शाहजहाँ का विशाल महल दुनिया भर से लूट-खसोट और छीन कर एकत्रित की गई हजारों तरह की कीमती वस्तुओं से भरा पड़ा था। उसके खजाने में लाखों की संख्या में बड़े-बड़े लाल, हीरे, मो

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-9

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-9

    फिर से बलख फिर से बदखशां


     महाराजा रूपसिंह को बलख-बदखशां से लौटे हुए अभी दो माह ही हुए होंगे कि एक बार फिर वहाँ से बुरे समाचार आने लगे। उजबेक पुनः बलख और बदख

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  • महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-10

     29.12.2019
    महाराजा रूपसिंह राठौड़ (ऐतिहासिक उपन्यास)-10

    शाह अब्बास के भयानक सपने


    नजर मुहम्मद, फारस के बादशाह शाह अब्बास के सामने जाकर खूब गिड़गिड़ाया। शाह अब्बास पहले से ही कांधार पर अधिकार करने को लेकर मुगलों से खार खाए हुए था। जब उसने सुना कि तारिन, कुंदुज, काह

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