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  • अध्याय - 34 : साम्प्रदायिक समस्या का आधुनिक रूप लव जेहाद या रोमियो जेहाद

     09.03.2018
    अध्याय - 34 : साम्प्रदायिक समस्या का आधुनिक रूप लव जेहाद या रोमियो जेहाद

    अध्याय - 34


    साम्प्रदायिक समस्या का आधुनिक रूप लव जेहाद या रोमियो जेहाद

    विश्व भर के गैर-इस्लामी संगठनों एवं धर्मावलम्बियों की मान्यता है कि इस्लाम का अंतिम लक्ष्य सम्पूर्ण विश्व को दारुल-इस्लाम में रूपांतरित करना है और इस लक्ष्य को पाने के लिए अन्य धर्म के लोगों को इस्लाम अपनाने के लिए विवश अथवा प्रेरित करना तथा इसमें असफल रहने पर उन्हें मार डालना जैसे उपाय शामिल हैं। इसी अवधारणा के चलते विश्व भर में फैले लश्करे तैयबा तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एण्ड सीरिया जैसे संगठनों के साथ-साथ लव जिहाद को भी एक उपाय के रूप में अपनाया गया है। भारत के हिन्दू संगठन एवं धर्मावलम्बी भी लव जिहाद की परिकल्पना को सत्य मानते हैं तथा भारत को लव जिहाद से पीड़ित देश के रूप में देखते हैं। इसके माध्यम से गैर मुस्लिम गर्भ को मुस्लिम गर्भ में बदलकर देश का जनसांख्यिकीय स्वरूप बदला जा रहा है।

    'लव जिहाद' या 'रोमियो जिहाद' एक षड्यंत्र है जिसके तहत युवा मुस्लिम लड़के और पुरुष, गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग करके उनका धर्म-परिवर्तन करते हैं। इस समस्या का उल्लेख मुख्यतः भारत के सन्दर्भ में होता है किन्तु इंग्लैण्ड आदि गैर मुस्लिम देश भी इस समस्या से ग्रस्त हैं। केरल उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त एक निर्णय में लव जेहाद की अवधारणा को सत्य पाया गया है। केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने 25 जून 2014 को इस समस्या पर केरल विधानसभा में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा लव जिहाद को लेकर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री चांडी ने विधानसभा में जानकारी दी कि ई.2006-14 की अवधि में केरल प्रांत में 2,667 युवतियां मुस्लिम युवकों से प्रेम विवाह करने के बाद इस्लाम कबूल कर चुकी हैं। केरला कैथोलिक बिशप काउंसिल ने ई.2009 में यह आंकड़ा 4,500 बताया था। एक अन्य संस्था श्री नारायण धर्म परिपालन समिति ने कर्नाटक में 30 हजार लड़कियों के लव जिहाद की शिकार होने की बात कही थी। समिति के महासचिव वेलापल्ली नतेसन ने कहा था कि उनकी संस्था को पाकिस्तान और इंग्लैण्ड में भी इसी तरह की कोशिशों की कई शिकायतें हिन्दू परिवारों की तरफ से आई हैं।

    अक्टूबर 2009 में कर्नाटक सरकार ने लव जिहाद को एक गंभीर मुद्दा माना और इसकी सीआईडी जांच के आदेश दिए। तब तत्कालीन डीजीपी जेकब पुनूज द्वारा की गई जांच में लव जिहाद के कई मामले प्रकाश में आए। 9 दिसंबर 2009 को केरल हाइकोर्ट के जस्टिस के. टी. संकरन ने लव जिहाद के मामले में पकड़े गए दो मुस्लिम युवाओं की जमानत पर सुनवाई करते हुए कहा था कि पुलिस रिपोर्ट इस ओर संकेत कर रही है कि 3 से 4 हजार लड़िकयों के साथ इसी तरह के प्रेम संबंधों के मामले पिछले तीन-चार सालों में आ चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने के भी मामले सामने आए हैं तथा यह भी पाया गया है कि इन लड़कियों को धोखे में रखकर उनसे प्रेम सम्बन्ध एवं शारीरिक सम्बन्ध बनाए गए।

    टाइम्स ऑफ इंडिया में 26 जुलाई 2010 को प्रकाशित एक समाचार में तत्कालीन मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने भी इस विषय पर चिंता जताई। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और कैंपस फ्रंट जैसे संगठन दूसरे धर्मों की लड़कियों को फुसलाकर उनसे विवाह करके इस्लाम कबूल करवाने की साजिश रच रह हैं। वे अगले 20 सालों में केरल का इस्लामीकरण करने की योजना बना रहे हैं। यहाँ तक कि वे तालीबानी अंदाज में कॉलेजों में हमले कर सकते हैं। दूसरे धर्मों की लड़कियों से विवाह करके लव जिहाद के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे देकर लोगों से इस्लाम कबूल करवाया जा रहा है। केरल में यह पहला अवसर था जब चर्च और विश्व हिंदू परिषद इस विषय पर एक साथ हो गए क्योंकि मुस्लिम आबादी बढ़ाने का यह उद्देश्य हर धर्म के लोगों के धर्म परिवर्तन के माध्यम से पूरा किया जा रहा था।

    एक सामाजिक संस्था द्वारा पुलिस एवं आरटीआई से जुटाई गई जानकारी के अनुसार ई.2006-09 की अवधि में दक्षिण भारत में लव जिहाद के सर्वाधिक प्रकरण दर्ज हुए जिनमें केरल राज्य सबसे ऊपर था। इस तालिका में इस अवधि में हुए लव जिहाद प्रकरणों की संख्या दी गई है-

    क्र.सं. जिला                लव जिहाद की घटनाएँ      पुलिस में पंजीकृत मामले    बचाई गई लड़कियां

    1.     तिरुवनन्तपुरम   216                              26                                   6

    2.     कोल्लम             98                                34                                   7

    3.     अलाप्पुझा            78                                22                                   6

    4.     पथानमथीट्टा         87                                36                                  11

    5.     इडुक्की              159                                18                                    9

    6.     कोट्टायम            116                                 46                                  13

    7.     एरनाकुलम        228                                  52                                  26

    8.     त्रिशूर                102                                  41                                  19

    9. पलक्कड़                111                                  19                                    9

    10. मलप्पुरम             412                                 89                                  31

    11. कोझिकोड़े             364                                 92                                  29

    12. कन्नूर                  312                               106                                  27

    13. कसगोड़े                589                               123                                  68

    योग                        2,872                               704                                261

    उक्त तालिका से ज्ञात होता है कि धर्मान्तरित लड़कियों की संख्या 2,872 थी किंतु केवल 704 मामले दर्ज हुए। कासरगोड जिला जिहादी रूपांतरण की सूची में सबसे ऊपर था जबकि पुलिस में केवल 123 घटनाओं को पंजीकृत किया गया। केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में पूरे भारत में 4,000 लड़कियों का धर्मान्तरण, लव जिहाद के माध्यम से किया गया। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार केरल में प्रतिदिन लगभग 8 लड़कियों को संदिग्ध परिस्थितियों के तहत लव जिहाद में फंसाने का प्रयास किया जाता है जिस कारण उन लड़कियों के माता-पिता भयभीत रहते हैं।

    कोच्चि केरल पुलिस की अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर, उच्च विधिक अध्ययन के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि केरल से लापता लड़कियों की संख्या ई.2007 और ई.2008 में क्रमशः 2,530 और 2,167 थी। कई लोगों का मानना है कि वास्तविक संख्या पुलिस में पंजीकृत संख्या से अधिक हो सकती है। लव जिहादियों की गतिविधियाँ ई.2006 में केरल में और अधिक आक्रामक हो गईं। इसलिए महिलाओं और युवा लड़कियों के केरल से गायब होने की संख्या में अचानक वृद्धि हुई। केरल कैथोलिक बिशप परिषद के अनुसार, केरल में 4,500 लड़कियों को लक्षित किया गया है, जबकि हिंदू जनजागृति समिति ने दावा किया कि 30,000 लड़कियों को कर्नाटक में मुसलमान बनाया गया है।

    यह विषय उत्तर प्रदेश में भी तब चिंता का विषय बना जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लव जिहाद के कई मामले सामने आने लगे। ऐसे संकेत भी मिलने लगे कि लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों को आतंकियों की भांति देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए विदेशों से धन मिलता है। कई संगठनों नेे आरोप लगाए कि लव जिहादी मुस्लिम युवक हाथ में कलावा बांधकर और सिर पर तिलक लगाकर हिन्दू होने का स्वांग करते हैं। इन्हें मोटर साइकिल, मोबाइल फोन, सिगरेट, शराब, रेस्टोरेंट का खर्च और अन्य हाथ-खर्च हेतु पैसा दिया जाता है ताकि ये लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकें। ये लोग किसी लड़की पर दो से तीन सप्ताह का समय लगाते हैं और यदि लड़की उनके जाल में नहीं फंसती है, तो दूसरे शिकार की तरफ बढ़ जाते हैं। जब लड़की के परिवार को ज्ञात होता है कि उनकी लड़की लव जिहाद के जाल में फंस गई है तो लड़की का परिवार डर जाता है तथा मामले को छिपाने का प्रयास करता है। इसीलिए अधिकतर मामले सामने नहीं आ पाते। जो परिवार इस मामले से भीतर ही भीतर बाहर नहीं निकल पाते हैं, वे इन मामलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने का प्रयास करते हैं।

    भारत में सक्रिय कुछ मुस्लिम संगठनों को खाड़ी देशों से बहुत बड़ी राशि प्राप्त होने की संभावना है जिसका उपयोग जेहादी रोमियो युवकों को अधिक से अधिक लड़कियों को प्रेम जाल में फँसाकर घुमाने-फिराने में हुए व्यय के लिए किया जाता है। इन युवकों को विशेष रैंक, पुरस्कार और धन दिया जाता है। हिंदू जनजागृति समिति द्वारा प्रकाशित एक पुस्तिका में रमेश हनुमंत शिंदे और मोहन अज्जु देवेगौड़ा ने लव जिहाद की पूरी प्रक्रिया बताई है। कोझीकोडाल कॉलेज के एक पूर्व छात्र जहांगीर रजाक ने 42 हिन्दू लड़कियों को अकेले ही फंसा लिया और उन सब को मिलाकर एक सेक्स रैकेट चलाने लगा। चेन्नई के पुलिस सूत्रों के अनुसार इस सेक्स रैकेट और आतंकवादी संगठनों के बीच एक कड़ी है। पथानामथिट्टा से एक सहजन मलयालप्पुचा की पंचायत के अनुसार एक मुस्लिम लड़के ने 6 युवा हिन्दू लड़कियों को लव जेहाद में फंसा लिया।

    यदि जेहादी रोमियो किसी विधर्मी लड़की से विवाह करता है तो उसे अलग से भुगतान प्राप्त होता हे। मुस्लिम यूथ फोरम नामक एक मुस्लिम संगठन ने हिंदू लड़कियों को वर्गीकृत किया है, जिसके हिसाब से जेहादी रोमियो को भुगतान प्राप्त होता है। सिख लड़की के लिए 7,00,000 रुपए, पंजाबी हिन्दू लड़की के लिए 6,00,000 रुपए, गुजराती ब्राह्मण लड़की के लिए 6,00,000 रुपए, ब्राह्मण लड़की के लिए 5,00,000 रुपए, क्षत्रिय लड़की के लिए 4,50,000 रुपए, कच्छ की गुजराती लड़की के लिए 3,00,000 रुपए, जैन मारवाड़ी लड़की के लिए 3,00,000 रुपए, पिछड़ी जनजाति की लड़की के लिए 2,00,000 रुपए तथा बौद्ध लड़की के लिए 1,50,000 रुपए दिए जाते हैं। यह सूची दर्शाती है कि एक सिख लड़की को धर्मान्तरित करना सबसे कठिन है जबकि बौद्ध लड़की को धर्मान्तरित करना सबसे सरल है। ईसाई लड़कियों को भी मुसलमानों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। मुस्लिम यूथ फोरम ने एक रोमन कैथोलिक लड़की के धर्मान्तरण के लिए 4,00,000 रुपये का तथा एक प्रोटेस्टेंट लड़की के धर्मान्तरण के लिए 3,00,000 रुपये इनाम घोषित कर रखा है।

    केरल आर्कबिशप परिषद ने लव जिहाद के मसले पर यह दिशा निर्देश प्रकाशित किया है कि लव जेहादी, हताश ईसाई लड़कियों का धर्मान्तरण न कर पाएं। लव-जिहाद अभियान अरब देशों द्वारा वित्तपोषित किया जाता है। एक सऊदी अरब स्थित संगठन, भारतीय भाईचारे के तहत भारत आता है। यह सब काम हवाला द्वारा चलाया जाता है। लव जेहाद के कार्य में इण्टरनेट, फेसबुक, व्हाट्स एप, ट्विटर, ब्लॉग राइटिंग, वैबसाइट आदि का भी प्रचुर मात्रा में उपयोग किया जाता है।

    कुछ धर्मनिरपेक्ष वादी चिंतक एवं संगठन, लव जिहाद को हिन्दूवादी संगठनों द्वारा गढ़ा गया मिथक एवं भ्रामक प्रचार बताते हैं। उनके अनुसार हिन्दुत्ववादी प्रचार में जब हिंदू स्त्री, मुस्लिम पुरुष के साथ विवाह करती है तो उसे सदैव अपहरण के तौर पर व्यक्त किया जाता है किंतु जब मुस्लिम स्त्री, हिंदू पुरुष के साथ विवाह करती है, तो उसे प्रेम की संज्ञा दी जाती है। औपनिवेशिक काल में उत्तर प्रदेश में इस तरह की कई कहानियाँ और उपन्यास लिखे गए, जिनमें ऐसे हिन्दू पुरुष को, जो किसी मुस्लिम नारी से प्यार करने में सफल होता था, एक अद्भुत नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता था। एक विख्यात उपन्यास शिवाजी व रोशनआरा इस समय प्रकाशित हुआ, जिसे अप्रमाणित सूत्रों के हवाले से ऐतिहासिक बताया गया। इसमें मराठा परम्परा का रंग भरकर दर्शाया गया कि शिवाजी ने औरंगजेब की पुत्री रोशनआरा का हृदय जीता और उससे विवाह कर लिया, जो ऐतिहासिक तथ्य नहीं है।

    साम्प्रदायिक सद्भाव एवं धर्मनिपरेक्षता आंदोलनों से जुड़े लोगों का आरोप है कि हिन्दू संगठन, लव जेहाद जैसे आन्दोलन का दुष्प्रचार करके हिन्दू स्त्री की सुरक्षा के नाम पर उसकी यौनिकता, उसकी इच्छा और उसकी स्वायत्त पहचान पर नियंत्रण लगाना चाहते हैं। वे प्रायः हिन्दू स्त्री को ऐसे दर्शाते हैं जैसे वह आसानी से फुसला ली जा सकती है। उसका अपना अस्तित्व, अपनी कोई इच्छा हो सकती है, या वह स्वयं अंतर्धार्मिक प्रेम और विवाह का कदम उठा सकती है। जबकि हिन्दू औरतें स्वयं अपने निर्णय ले रही होती हैं। लव जिहाद जैसे दुष्प्रचार से देश का साम्प्रदायिक वातावरण खराब होता है।


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