Blogs Home / Blogs / अजमेर नगर का इतिहास - पुस्तक / अजमेर का इतिहास - 93
  • अजमेर का इतिहास - 93

     02.06.2020
    अजमेर का इतिहास - 93

    उन्नीसवीं एवं बीसवीं सदी में अजमेर नगर की जनसंख्या


    हमारी नई वैबसाइट - भारत का इतिहास - www.bharatkaitihas.com

    ई.1818 में जब ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने अजमेर पर अधिकार किया, तब अजमेर नगर की जनसंख्या लगभग 24 हजार थी। अंग्रेजों का शासन हो जाने के बाद अजमेर नगर की जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी। ई.1868 से ई.1870 के बीच अजमेर और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में भयानक दुर्भिक्ष पड़ा जो 19 माह तक चला। इसे पचीसिया काल कहा जाता है। इस दुर्भिक्ष में अजमेर-मेरवाड़ा की 25 प्रतिशत जनसंख्या कम हो गई।

    यही कारण है कि ई.1837 से ई.1872 की अवधि में अजमेर नगर की जनसंख्या में केवल 3,137 की ही वृद्धि हुई। रेल आने के कारण ई.1875 से ई.1894 के बीच अजमेर की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई। ई.1872 की तुलना में ई.1891 में अजमेर की जनसंख्या ढाई गुनी हो गई। बाहर से आने वालों में यूनाइटेड प्रोविंस के आगरा एवं उसके निकटवर्ती क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक थे।

    ई.1931 में हुई जनगणना के अनुसार अजमेर नगर की जनसंख्या 1,19,524 हो गई। इस जनगणना के समय अजमेर में 62 प्रतिशत हिन्दू, 33 प्रतिशत मुसलमान, 1.5 प्रतिशत यूरोपियन एवं एंगलोइण्डियन, 1.9 प्रतिशत भारतीय ईसाई रहते थे। इनके अतिरिक्त 270 सिक्ख, 240 पारसी तथा 49 अन्य धर्मों के अनुयायी भी रहते थे।

    हमारी नई वैबसाइट - भारत का इतिहास - www.bharatkaitihas.com


  • Share On Social Media:
Categories
SIGN IN
Or sign in with
×
Forgot Password
×
SIGN UP
Already a user ?
×