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  • यदि चीन ने भारत पर आक्रमण किया तो क्या होगा!

     03.06.2020
    यदि चीन ने भारत पर आक्रमण किया तो क्या होगा!

    हमारी नई वैबसाइट - भारत का इतिहास - www.bharatkaitihas.com

    चीनी मीडिया ने जैसी धमकी दी है, यदि ऐसा कभी भी नहीं हो तो ही ठीक है परन्तु ईश्वर न करे यदि चीन कभी हम पर आक्रमण कर दे तो..... देश के भीतर क्या दृश्य होगा- - नेता लोग अपनी गाडि़यों में बैठकर किसी सुरक्षित अण्डर ग्राउण्ड की तलाश में निकल पड़ेंगे। - पुलिस के जवान, नेताओं की गाडि़यां सुरक्षित स्थान पर जा सकें, इसके लिये सड़कें रोक कर खड़े हो जायेंगे। - अमीर लोग अपना पैसा और बीवी-बच्चे लेकर विदेशों में भाग जायेंगे। - मध्यम वर्गीय पति अपनी पत्नियों के गलों से सोने की चैनें उतार कर भारत सरकार को देंगे ताकि सैनिकों के लिये धूप के चश्मे और बर्फ पर चलने लायक जूते खरीदे जा सकें। - गरीबों के बच्चे सरकारी स्कलों में राष्ट्रभक्ति के नारे लगायेंगे और जय हो-जय हो गायेंगे। देश की सीमा पर क्या दृश्य होगा- - पाकिस्तान की सेना सीमा पर गोलीबारी करने लगेगी - पाकिस्तान के आतंकवादी भारत की सीमाएं लांघकर देश में घुस आयेंगे। - बांगला देश और नेपाल की सीमाएं भी सुरक्षित नहीं रहेंगी। वहां से भी आतंकवादी भारत में घुसेंगे। - भारतीय मिलिट्री के जवान धूप के चश्मे, बर्फ पर चलने वाले जूते और आधुनिक बंदूकों के बिना ही सरहद पर अपने प्राणों की बाजी लगायेंगे। देश के बाहर क्या दृश्य होगा- - ट्रम्प और पुतिन तब तक ज्ञान बघारते रहेंगे जब तक कि भारत में चीन अपनी ताण्डव लीला के एक विशेष बिंदु पर न पहुंच जाये। और फिर........ - .......... ईश्वर न करे कि 1025 दोहराया जाये जब महमूद गजनवी ने भारतीय राजाओं की फूट का लाभ उठाकर सोमनाथ को भंग किया। - .......... ईश्वर न करे कि 1192 दोहराया जाये जब संधि का छलावा देकर पृथ्वीराज चौहान को पकड़ा गया और अंधा करके पहाडि़यों से धक्का देकर, पत्थरों से मार डाला गया। - .......... ईश्वर न करे कि 1303 दोहराया जाये जब रावल रत्नसिंह को धोखे से बंदी बनाकर मारा गया और चित्तौड़ दुर्ग में 30 हजार हिन्दुओं का कत्ले आम हुआ। - .......... ईश्वर न करे कि 1761 दोहराया जाये जब अहमदशाह अब्दाली ने उत्तर भारत को रौंदने वाले 1 लाख मदमत्त मराठे काट डाले और उनका पेशवा हृदयाघात से मर गया। - .......... ईश्वर न करे कि 1526 दोहराया जाये जब कुछ गद्दार, महाराणा सांगा को खानवा के मैदान में धोखा देकर भाग लिये और महाराणा को युद्ध क्षेत्र में शत्रु के तीर से घायल होकर गिरना पड़ा। - .......... ईश्वर न करे कि 1544 दोहराया जाये जब शेरशाह सूरी ने उत्तर भारत के सबसे बड़े राजा मालदेव के शिविर के आगे झूठे पत्र डाल दिये तथा जैता और कूंपा को अपने सिर कटवाकर अपनी सच्चाई का प्रमाण देना पड़ा। - .......... ईश्वर न करे कि 1556 दोहराया जाये जब हेमू का तोपखाना आगे चला गया और बैरामखां ने तोपखाना अपने अधिकार में करके हेमू का सिर तलवार से अलग कर दिया। - .......... ईश्वर न करे कि 1962 दोहराया जाये जब चीन भारत की छाती पर चढ़ बैठा और जवाहरलाल पंचशील के गीत गाते हुए लंदन और श्रीलंका की यात्राएं करते रहे। जीतता वही है...... - .......... जो समय रहते चेत जाता है। - .......... जो खयाली पुलावों की बजाय महाराणा प्रताप की तरह घास की रोटी खाता है। - ..........जो छत्रपति शिवाजी की तरह छोटे से खंजर से भी अफजलखां को मारने की तैयारी करता है। - .......... जो लालबहादुर शास्त्री की तरह फटा हुआ कोट पहिनकर हवाई मोर्चा खोलता है। - .......... जो इंदिरा गांधी की तरह अमरीका के सातवें बेड़े की परवाह किये बिना बांगला देश में घुस जाता है। वास्तविकता क्या है?????? - भारतीय राजनीतिक दलों ने अपने-अपने वोटों के लिये भारत की जनता को इतने टुकड़ों में बांट दिया है कि आज एक ही देश में हर जाति अपना अलग देश बनाकर रह रही है। - ....... सबको आरक्षण चाहिये...... सबको अपने कम योग्य पुत्रों के लिये सरकारी नौकरियां चाहिये...... सबको मोटा बैंक बैलेंस चाहिये...... सबको अपनी बेटी की शादी में बांटने के लिये हजारों की संख्या में निमंत्रण पत्र चाहिये......। ये सब बातें हमारे पराभव की गारण्टी हैं। इन्हें रोकने की ताकत आज किसी में नहीं बची है। - इतना सब होने पर भी दिल के कोने में आशा बची रहेगी कि- - ....... भारत की धरती पर फिर कोई वीर सावरकर पैदा होगा जो दो बार काले पानी की सजा भोगकर देश को आजाद करायेगा। - ....... फिर कोई रास बिहारी बोस होगा जो जापान में जाकर अपनी सेना खड़ी करेगा। - ....... फिर कोई सुभाषचंद्र बोस होगा जो कलक्टर की नौकरी ठुकराकर भारत माता की बेडि़यां खोलेगा। - ....... फिर कुछ युवक चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां बनकर जन्मेंगे और अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता की रक्षा के लिये एक-जुट होकर लड़ेंगे। इसलिये हमें..... - ........ चीनी मीडिया को हलके में लेकर उसका मजाक बनाने की बजाय, हमें अपना घर मजबूत करना चाहिये। -डॉ. मोहनलाल गुप्ता

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