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  • राजस्थान में राठौड़ वंश का उदय

     06.06.2017
    राजस्थान में राठौड़ वंश का उदय

    राजस्थान में राठौड़ वंश का उदय

    राठौड़ों को संस्कृत में राष्ट्रकूट कहा जाता है, जिसका प्राकृत रूप रट्टउड है। अशोक के शिलालेखों में रिस्टिक, लटिक तथा रटिक शब्दों का प्रयोग किया गया है जो राष्ट्रकूट से मिलते जुलते

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  • वैदिक युग से राजपूत युग तक राजस्थान में सामाजिक व्यवस्था

     06.06.2017
    वैदिक युग से राजपूत युग तक राजस्थान में सामाजिक व्यवस्था

    वर्ण व्यवस्था

    ऋग्वैदिक काल में भारतीय समाज में दो वर्ण थे। पहला वर्ण गौर वर्ण के लोगों का था जो आर्य कहलाते थे। दूसरा वर्ग कृष्ण वर्ण के लोगों का था जो अनार्य कहलाते थे। ऋग्वेद में ब्राह्मण और क्षत्रिय शब्दों का प्रयोग तो बार-बार हुआ है क

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  • मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 1

     06.07.2017
     मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 1

    आम्बेर राज्य

    आम्बेर राज्य की स्थापना नरवर के कच्छवाहा राजकुमार धौलाराय अथवा दूल्हाराय के वंशजों ने की। ढोला-मारू की कथा का नायक भी यही दूल्हाराय है। (आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा 2012, अधिकतम 15 शब्दों में उत्तर दीज

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  • मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 2

     12.07.2017
     मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 2

    1526 ई. में खुरासान से आये मुगल आक्रांता बाबर ने भारत पर आक्रमण किया। उस समय दिल्ली पर इब्राहीम लोदी का शासन था किंतु भारत में मेवाड़ तथा मारवाड़ प्रबल हिंदू राज्यों की श्रेणी में आते थे। मेवाड़ पर महाराणा राणा संग्रामसिंह का तथा मारवाड़ पर राव गांगा का शासन था। (आर.ए.एस. मुख्य परीक्ष

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  • मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 3

     15.07.2017
    मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 3

    किशनगढ़ रियासत का संस्थापक महाराजा कृष्णसिंह अथवा किशनसिंह जोधपुर के राठौड़ शासक उदयसिंह के 16 पुत्रों में से एक था। वह अपने भाई से महाराजा सूरसिंह से असंतुष्ट होकर अकबर के पास चला गया। किशनसिंह की बुआ जोधा बाई का विवाह अकबर से हुआ था। अकबर ने किशनसिंह को हिन्दुआन, सेठोलाव तथा कुछ अ

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  • मुगलकाल में राजपूत रियासतों की स्थिति- 4

     21.08.2017
    मुगलकाल में राजपूत रियासतों की स्थिति- 4

    मुगलकाल में राजपूत रियासतों की स्थिति- 4

    बीकानेर राज्य


    भारतवर्ष के बीकानेर, किशनगढ़, ईडर, विजयनगर, झाबुआ, अमझेरा, रतलाम, सीतामऊ तथा सैलाना राज्यों के शासक, जोधपुर के राठौड़ वंश में

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  • प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान

     04.01.2020
     प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान

     प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान


    राजस्थान की 19 रियासतों एवं विभिन्न ठिकाणों में में संस्कृत, प्राकृत, डिंगल, पिंगल, अपभ्रंश, राजस्थानी तथा हिन्दी आदि भाषा

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  • मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 5

     07.09.2018
    मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 5

    मुगल काल में राजपूत रियासतों की स्थिति - 5

    मारवाड़ राज्य

    मारवाड़ राज्य की स्थापना का कार्य बदायूं के राठौड़ों के वंशज सीहाजी द्वारा थार रेगिस्तान में आकर बसने के बाद आरम्भ हुई। सीहा की

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  • मुगलकाल में राजपूताने के छोटे राज्यों की स्थिति

     21.08.2017
    मुगलकाल में राजपूताने के छोटे राज्यों की स्थिति

    मुगलकाल में राजपूताने के छोटे राज्यों की स्थिति

    जैसलमेर

    जैसलमेर राज्य की स्थापना यदुवंशी भट्टियों ने की। ये लोग भटनेर से चलकर तन्नोट आये। आठवीं शताब्दी में इन्होंने तन्नोट का किला बनाया। तन

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  • गींदड़ नृत्य

     11.04.2018
    गींदड़ नृत्य

    गींदड़ नृत्य

    राजस्थान के शेखावाटी अंचल में वसंत पंचमी से ही ढफ बजने लगते हैं तथा धमालें गाई जाने लगती हैं। कुछ धमाल भक्ति प्रधान एवं कुछ धमाल शृंगार प्रधान होती हैं। जब होली में 15 दिन रह जाते हैं तो गांव-गांव गी

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