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  • जोधपुर में उड्डयन के जनक महाराजा उम्मेदसिंह

     07.06.2017
    जोधपुर में उड्डयन के जनक महाराजा उम्मेदसिंह

    महाराजा उम्मेदसिंह और वायुयान में परस्पर विशेष सम्बंध दिखाई देता है। जिस वर्ष संसार में पहले वायुयान ने हवा में पहली उड़ान भरी, उसी वर्ष महाराजा उम्मेदसिंह का जन्म हुआ। जिस वर्ष वायुयान ने दुनिया का पहला चक्कर लगाया, उसी वर्ष महाराजा उम्मेदसिंह ने भारत के किसी देशी रजवाड़े में पहले उड्डयन विभाग की स्थाप

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  • महान राजाओं ने जोधपुर को बसाया और संवारा

     21.08.2017
    महान राजाओं ने जोधपुर को बसाया और संवारा

    जोधपुर को बसाने वाला राव जोधा बड़े जीवट वाला राजा था। उसने 12 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ रणक्षेत्र में रहकर शत्रुओं से लड़ाई लड़ी। 1438 इस्वी में जब उसके पिता रणमल की मेवाड़ में हत्या हुई, तब जोधा अपने सात सौ राठौड़ वीरों को लेकर चित्तौड़ से जोधपुर की ओर चल दिया। मेवाड़ की सेना ने राठौड़ों का पीछा किया किंत

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  • भारत की राष्ट्रीय अस्मिता की प्रतीक महारानी पद्मिनी

     26.01.2018
    भारत की राष्ट्रीय अस्मिता की प्रतीक महारानी पद्मिनी

    भारत की राष्ट्रीय अस्मिता की प्रतीक महारानी पद्मिनी

    गुहिल वंश की स्थापना गुप्त वंश के ध्वंसावशेषों पर छठी शताब्दी ईस्वी में हुई थी। यह रघुवंशी ईक्ष्वाकुओं की ही एक प्रबल-प्रतापी शाखा थी जो अत्यंत प्राचीन काल से उत्तर भारत में शासन करती आई थी तथा धर्म एवं न्याय आधारित शासन करन

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  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित है एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी-

     07.06.2017
    अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित है एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी-

    अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं से सुसज्जित एनएलयू जोधपुर की लाइब्रेरी में विधि-छात्रों, शोधार्थियों, अध्यापकों एवं विधिवेत्ताओं के लिये बीस हजार से अधिक पुस्तकें, सैंकड़ों लॉ-जर्नल, दर्जनों सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन डाटाबेस तथा विभिन्न इण्टरनेशनल लॉ-फोरम्स से कनैक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। विधि छात्रों में रिसर्

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  • बकरों के सिर काटने पर महाराजा ने ठाकुर का सिर कटवा लिया!

     07.06.2017
    बकरों के सिर काटने पर महाराजा ने ठाकुर का सिर कटवा लिया!

    अठारहवीं शताब्दी में जोधपुर का महाराजा विजयसिंह वैष्णव धर्म के प्रति अनुराग एवं न्यायप्रियता के लिये समूचे उत्तरी भारत में विख्यात हुआ। उसके लिये मआसिरुल उमरा में लिखा है कि मारवाड़ का राजा विजयसिंह रियाया परवरी, अधीन होने वालों की परवरिश और सरकशों की सर-शिकनी में मशहूर है। उसकी पासवान गुलाबराय गोकुलि

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  • स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् महाराजा जोधपुर द्वारा वितरित पुरस्कार एवं पदोन्नतियां

     21.08.2017
    स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् महाराजा जोधपुर द्वारा वितरित पुरस्कार एवं पदोन्नतियां

    स्वतंत्रता के तुरंत पश्चात् पुरस्कारों का वितरण-

    24 अक्टूबर 1947 को जोधपुर महाराजा ने अपने निजी स्टाफ के अधिकारियों को पदोन्नतियां, पुरस्कार तथा निःशुल्क भूमि प्रदान कीं।

    पदोन्नति- 1. महाराजा के पसर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी कर्नल राव राजा हनूतसिंह - ऑनरेरी ब्रिगेडियर 2.

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  • प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान

     26.01.2018
     प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान

     प्राचीन पाण्डुलिपियों का महान संग्रहालय - राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान


    राजस्थान की 19 रियासतों एवं विभिन्न ठिकाणों में में संस्कृत, प्राकृत, डिंगल, पिंगल, अपभ्रंश, राजस्थानी तथा हिन्दी आदि भाषा

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  • मारवाड़ में साहित्य संरक्षण एवं संवर्द्धन की परम्परा

     09.01.2018
    मारवाड़ में साहित्य संरक्षण एवं संवर्द्धन की परम्परा

    मारवाड़ में साहित्य संरक्षण एवं संवर्द्धन की परम्परा


    जैन मुनि उद्योतन सूरि द्वारा ई.779 में जालोर दुर्ग में लिखित कुवलयमाला में जिन अठारह देशी भाषाओं का उल्लेख हुआ है, उनमें मरु भाषा भी एक है। मध्यकाल में

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  • महाराजा ने लेडी वायसराय के कुत्ते को अपने डेरे में नहीं घुसने दिया

     10.09.2018
    महाराजा ने लेडी वायसराय के कुत्ते को अपने डेरे में नहीं घुसने दिया

    महाराजा ने लेडी वायसराय के कुत्ते को अपने डेरे में नहीं घुसने दिया


    अलवर के महाराजा जयसिंह की गिनती भारत के इतिहास में बीसवीं सदी के महान व्यक्तियों में होती है। महाराजा स्वतंत्र विचारों के धनी और स्वाभि

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