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  • झालावाड़ से हर साल ढाई से तीन लाख भेड़ें मालवा प्रवास पर जाती हैं

     07.06.2017
    झालावाड़ से हर साल ढाई से तीन लाख भेड़ें मालवा प्रवास पर जाती हैं

    हजारों भेड़ों के समूह को एक निश्चित पथ का अनुसरण करते हुए देखना कम रोमांचकारी नहीं है। मारवाड़ से मालवा तक के ये सैंकड़ों यायावर भारी भरकम लाल पगडि़यों के कारण किसी बावरे अहेरी से कम नहीं लगते। हर साल वे इसी तरह गाते-गुनगुनाते मारवाड़ से मालवा की तरफ जाते हैं तथा वर्षा काल आरम्भ होते ही फिर से उन्हीं रास्त

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  • महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं झालावाड़ की बुनकर महिलाएं

     21.08.2017
    महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं झालावाड़ की बुनकर महिलाएं

    झालावाड़ जिले के असनावर, रायपुर, झालरापाटन, झिरी, सुनेल, मोलक्या, देवरी तथा निकटवर्ती गांवों  में 200 से अधिक बुनकर महिलाएं, महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं। वे अपने घरों में बैठकर साड़ी, खेस, सफेद फैब्रिक, तौलिये, बुनती हैं तथा दरी, पट्टी, गलीचे एवं एक किलो वाली रजाइयां भी बनाती हैं। इस कार्य से वे प्

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